मुहावरे
जब कोई शब्द (पद) समूह वाक्य में इस
प्रकार प्रयोग हो कि अपने वाच्यार्थ (सामान्य अर्थ) को छोड़कर कोई विशेष अर्थ
प्रकट करे तब ऐसे शब्द समूह को मुहावरे कहते हैं ।
दूसरे शब्दों में –
मुहावरे ऐसे वाक्यांश हैं जिनका सामान्य अर्थ नहीं होता अपितु विशेष अर्थ होता है। जैसे- हाथ मलना,
यहाँ इसका सामान्य
अर्थ ‘हथेलियों को रगड़ना’ न लेकर इसका विशेष अर्थ ‘पछताना’ लेते हैं ।
लोकोक्तियाँ
लोकोक्तियाँ( कहावतें) अपने में स्वतंत्र अर्थ रखने वाली लोक प्रचलित उक्तियाँ
होती हैं। जिनका उद्देश्य किसी को शिक्षा,चेतावनी,व्यंग्य करने या उलाहना देना
होता है। इनका सम्बन्ध किसी घटना से होता है । ये अपने आप में पूर्ण होती हैं । ये
किसी कहानी या चिरसत्य पर आधारित होती हैं ।
किसी महापुरुष या
संत द्वारा कही गई उक्तियों को सिध्दांत- वाक्यों की तरह प्रयोग में लाना कहावतें
कहलाती हैं । कहावतों में एक पूर्ण सत्य एवं विचार सन्निहित होता है ।
जैसे – चार दिनों की
चाँदनी फिर अँधेरी रात।
मुहावरे एवं लोकोक्ति में अंतर
मुहावरे
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लोकोक्ति
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1. मुहावरे वे वाक्यांश हैं जिनका विशेष अर्थ होता है ।
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1. लोकोक्ति लोक की उक्ति है । यह पूर्ण वाक्य के रूप में
होती है । जो किसी सत्य पर आधारित होती
है ।
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2. मुहावरे का प्रयोग वाक्यों के अन्तर्गत होता है । जैसे- रानी लक्ष्मी बाई ने
अंग्रेजों से लोहा लिया था ।
(लोहा
लेना)
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2. लोकोक्ति का प्रयोग स्वतंत्र रूप में एक वाक्य की तरह
किया जा सकता है । जैसे – कुत्ता भी अपना पेट भर लेता
है ।
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3. मुहावरे को वाक्य से निकाल देने पर उसका प्रभाव नहीं
रह जाता ।
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3. लोकोक्ति का वाक्य में स्वतंत्र अस्तित्व होता है, इसे वाक्य से निकल देने पर
भी कोई अंतर नहीं पड़ता ।
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मुहावरे एवं लोकोक्तियाँ- अर्थ
एवं प्रयोग
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वीर
शिवाजी ने मुगुलों से लोहा लिया था ।
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जियालाल
नकली दवा बेचते पकड़ा गया,जिससे उसकी कलई खुल गई ।
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अपने
गुरु से अपना सम्मान करने के लिए कहना उल्टी
गंगा बहाना है।
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विवेकानंद
की विद्वता का सारा संसार लोहा
मानता है ।
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सारा देश
भ्रष्टाचार के चंगुल में फँसा है, कब लोगों की नींद टूटेगी ।
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मैंने कमर कस ली है, इस बंजर धरती को हरा- भरा करके रहूँगा ।
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हमें ऐसा
व्यवहार कदापि नहीं करना चाहिए जिससे किसी के दिल को ठेस लगे ।
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पुलिस की
गाडी का सायरन सुनते ही चोर नौ दो
ग्यारह हो गए ।
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न जाने
कब मेरी आँख लग गई और चोर मेरी अटैची ले गए ।
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एक वस्तु, चाहने वाले अधिक
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मोहन के
पास एक व्याकरण की पुस्तक थी, कक्षा के
सभी बच्चे मांगने लगे । किसी ने
ठीक ही कहा है एक अनार सौ बीमार ।
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भूली
बातों को फिर याद दिलाना / बीती बात उठाना
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सब मिलकर
राष्ट्र की उन्नति में योगदान दें, गड़े मुर्दे उखाड़कर वैमनस्यता मत फैलाएँ ।
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देवांश
के हायर सेकेण्डरी परीक्षा में प्रथम आने पर उसके माता-पिता फूले न समा रहे थे ।
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सचिन ने
दीपावली के दिन अपनी फैक्ट्री का श्री गणेश किया ।
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जान-
बूझकर परेशानी में फँसना
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दो
भाइयों की आपस की लड़ाई में पड़कर गोवर्धन ने आ बैल
मुझे मार की कहावत को
चरितार्थ कर दिया ।
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विकास
देखता रह गया, दिवाकर ने उसकी संपत्ति पर हाथ मार लिया ।
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सुमन से
रामायण पढ़ कर सुनाने को कहा गया तो वह बोल पड़ी मेरे लिए तो काला अक्षर भैंस बराबर है ।
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मान न
मान मैं तेरा मेहमान
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सुषमा आए
दिन बिना बुलाए मेरे यहाँ चली आती है, किसी ने ठीक ही कहा है,मान न मान मैं तेरा मेहमान ।
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एक मजदूर
के लिए एक रोटी ऊँट के मुँह में जीरा के समान है ।
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चम्पा
दुकानदार को चकमा देकर, उसकी घड़ी लेकर भाग गई ।
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‘सतसई’ के दोहे गागर में सागर हैं ।
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माँ के
लिए उसकी संतान आँखों के तारे होते हैं
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बंशी को
गुटका खाते देखकर उसके पिता आग बबूला
हो गए ।
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