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गुरुवार, 21 दिसंबर 2017

प्रत्यय

प्रत्यय 

परिभाषा 

वे शब्दांश जो शब्दों के अन्त में जुड़ते हैं , उनके जुड़ने से शब्दों के अर्थ में परिवर्तन हो जाता है, प्रत्यय कहलाते हैं। 
दूसरे शब्दों में - जो शब्दांश शब्दों के बाद जुड़कर उनके अर्थ में परिवर्तन या विशेषता ला देते हैं, प्रत्यय कहे जाते हैं।  प्रत्यय का प्रयोग स्वतंत्र रूप से नहीं किया जाता।  
इस प्रकार प्रत्यय में चार  बातें उल्लेखनीय है  - 
1. ये शब्दांश हैं, पूर्ण शब्द नहीं।  
2. ये हमेशा शब्दों के अंत में जुड़ते हैं।
3. इनके जुड़ने से शब्दों के अर्थ में परिवर्तन हो जाता है या उनके अर्थ में एक विशेषता आ जाती है। 
4. इनका प्रयोग स्वतंत्र रूप से नहीं किया जाता क्योंकि इनका कोई अर्थ नहीं होता।      
उदाहरण - 1. दूध + वाला = दूध वाला,  2. पढ़ + ता = पढ़ता   
स्पष्टीकरण -1. यहाँ पर मूल शब्द 'दूध' है एवं 'वाला' प्रत्यय है ,जिसके जुड़ने से 'दूधवाला' (तध्दितान्त ) नया शब्द बना।
2. यहाँ पर मूल शब्द 'पढ़' ( क्रिया ) है एवं 'ता' प्रत्यय है , जिसके जुड़ने से नया शब्द 'पढ़ता' ( कृदंत) बना।  

शुक्रवार, 1 दिसंबर 2017

विलोम शब्द

क्रमांक
शब्द
विलोम शब्द
1
विजय
पराजय
2
विनाश
सृजन
3
जल
आग
4
प्रातः
सायं
5
उन्नत
अवनत
6
आदान
प्रदान
7
उर्वर
अनुर्वर
8
प्रवृत्ति
निवृत्ति
9
कृतज्ञ
कृतघ्न
10
संक्षेप
विस्तृत
11
रक्षक
भक्षक
12
सम्मान
अपमान
13
उन्नति
अवनति
14
व्यापक
संक्षिप्त
15
प्राचीन
अर्वाचीन
16
आवश्यक
अनावश्यक
17
ज्ञान
अज्ञान
18
सिंचन
असिंचन
19
तपन
शीतलता
20
भोग
योग
21
गाँव
शहर
22
मधुर
कटु
23
जीवन
मरण
24
सफल
असफल
25
आशा
निराशा
26
पुरानी
नई
27
प्रसिध्द
अप्रसिध्द
28
आकाश
पाताल
29
उदय
अस्त
30
इच्छा
अनिच्छा
31
ईर्ष्या
प्रेम
32
रात
दिन
33
निराशा
आशा
34
अपना
पराया
35
अन्याय
न्याय
36
सुन्दर
कुरूप

बुधवार, 29 नवंबर 2017

उपसर्ग

उपसर्ग 

प्रश्न 1. उपसर्ग किसे कहते हैं ?

उत्तर -किसी शब्द के प्रारंभ में जुड़ने वाले शब्दांश या अव्यय को उपसर्ग कहते हैं, इसके जुड़ने से शब्द के अर्थ बदल जाते हैं  |  जैसे - भर+सक = भरसक , सु +बोध= सुबोध , अति + आचार = अत्याचार आदि | 

प्रश्न 2. हिंदी भाषा में कितने प्रकार के उपसर्ग प्रयोग में आते हैं ?

उत्तर- हिंदी भाषा में तीन प्रकार के उपसर्ग प्रयोग किए जाते हैं- 

 1. संस्कृत के उपसर्ग - इनकी संख्या 22 है { आ, अति, अधि ,अनु , अप , अपि , अभि, अव , उत,  उप , दुस् , दुर् , नि, निस् , निर् , प्र , प्रति , परा , परि , वि , सम् , सु }

  2. हिंदी के उपसर्ग - इनकी संख्या 10 है { अ/अन , अध , औ/ अव , उन , क / कु , दु , नि , भर, स/सु, बिन } 

3. विदेशज उपसर्ग - इनकी सख्या 12 मानी गई है | { कम , खुश, गैर , दर , ना , बे , ला,  बद , बर , सर , हम , हर }

सोमवार, 27 नवंबर 2017

वाक्यगत अशुध्दियाँ

 वाक्य 

वाक्य , भाषा की सबसे महत्वपूर्ण इकाई होता है |  सार्थक सम्प्रेषण के लिए यह आवश्यक है कि वाक्य में व्याकरण की दृष्टि से दोष न हो|  वाक्य में संज्ञा, सर्वनाम, लिंग,वचन, कारक चिन्ह, समास, संधि एवं विशेषणों आदि का उचित स्थान में सही प्रयोग किया जाना चाहिए | 

वाक्य शुध्द करते समय ध्यान देने योग्य बातें -


मंगलवार, 17 जनवरी 2017

मुहावरे एवं लोकोक्तियाँ

मुहावरे
जब कोई शब्द (पद) समूह वाक्य में इस प्रकार प्रयोग हो कि अपने वाच्यार्थ     (सामान्य अर्थ) को छोड़कर कोई विशेष अर्थ प्रकट करे तब ऐसे शब्द समूह को मुहावरे कहते हैं । 
दूसरे शब्दों में – मुहावरे ऐसे वाक्यांश हैं जिनका सामान्य अर्थ नहीं होता अपितु विशेष अर्थ होता है। जैसे- हाथ मलना,
यहाँ इसका सामान्य अर्थ ‘हथेलियों को रगड़ना’ न लेकर इसका विशेष अर्थ पछताना’ लेते हैं । 

लोकोक्तियाँ 

 लोकोक्तियाँ( कहावतें) अपने में स्वतंत्र अर्थ रखने वाली लोक प्रचलित उक्तियाँ होती हैं। जिनका उद्देश्य किसी को शिक्षा,चेतावनी,व्यंग्य करने या उलाहना देना होता है।  इनका सम्बन्ध किसी घटना से होता है । ये अपने आप में पूर्ण होती हैं । ये किसी कहानी या चिरसत्य पर आधारित होती हैं । 
किसी महापुरुष या संत द्वारा कही गई उक्तियों को सिध्दांत- वाक्यों की तरह प्रयोग में लाना कहावतें कहलाती हैं । कहावतों में एक पूर्ण सत्य एवं विचार सन्निहित होता है । 
जैसे – चार दिनों की चाँदनी फिर अँधेरी रात।   

मुहावरे एवं लोकोक्ति में अंतर

मुहावरे
लोकोक्ति
1. मुहावरे वे वाक्यांश हैं जिनका विशेष अर्थ होता है ।
1. लोकोक्ति लोक की उक्ति है । यह पूर्ण वाक्य के रूप में होती है । जो किसी सत्य पर आधारित होती है ।
2. मुहावरे का प्रयोग वाक्यों के अन्तर्गत होता है । जैसे- रानी लक्ष्मी बाई ने अंग्रेजों से लोहा लिया था ।   (लोहा लेना)
2. लोकोक्ति का प्रयोग स्वतंत्र रूप में एक वाक्य की तरह किया जा सकता है । जैसे कुत्ता भी अपना पेट भर लेता है ।
3. मुहावरे को वाक्य से निकाल देने पर उसका प्रभाव नहीं रह जाता ।
3. लोकोक्ति का वाक्य में स्वतंत्र अस्तित्व होता है, इसे वाक्य से निकल देने पर भी कोई अंतर नहीं पड़ता ।

मुहावरे एवं लोकोक्तियाँ- अर्थ एवं प्रयोग  


मुहावरे/लोकोक्तियाँ   
अर्थ
वाक्यों में प्रयोग
लोहा लेना
सामना करना / टक्कर लेना
वीर शिवाजी ने मुगुलों से लोहा लिया था । 
कलई खुलना
भेद खुलना
जियालाल नकली दवा बेचते पकड़ा गया,जिससे उसकी कलई खुल गई । 
उल्टी गंगा बहाना
विपरीत काम करना
अपने गुरु से अपना सम्मान करने के लिए कहना उल्टी गंगा बहाना है। 
लोहा मानना
श्रेष्ठता स्वीकारना
विवेकानंद की विद्वता का सारा संसार लोहा मानता है । 
नींद टूटना
होश में आना
सारा देश भ्रष्टाचार के चंगुल में फँसा है, कब लोगों की नींद टूटेगी  
कमर कसना
कार्य के लिए तैयार होना
मैंने कमर कस ली है, इस बंजर धरती को हरा- भरा करके रहूँगा । 
ठेस लगाना
दुःखद  अनुभूति
हमें ऐसा व्यवहार कदापि नहीं करना चाहिए जिससे किसी के दिल को ठेस लगे      
नौ दो ग्यारह होना
भाग जाना
पुलिस की गाडी का सायरन सुनते ही चोर नौ दो ग्यारह हो गए । 
आँख लगना
सो जाना/ झपकी लगना 
न जाने कब मेरी आँख लग गई और चोर मेरी अटैची ले गए । 
एक अनार सौ बीमार
एक वस्तु, चाहने वाले अधिक
मोहन के पास एक व्याकरण की पुस्तक थी, कक्षा के सभी बच्चे मांगने लगे ।  किसी ने ठीक ही कहा है एक  अनार सौ बीमार    
गड़े मुर्दे उखाड़ना
भूली बातों को फिर याद दिलाना / बीती बात उठाना
सब मिलकर राष्ट्र की उन्नति में योगदान दें, गड़े मुर्दे उखाड़कर वैमनस्यता मत फैलाएँ । 
फूला न समाना
अत्यधिक प्रसन्न होना
देवांश के हायर सेकेण्डरी परीक्षा में प्रथम आने पर उसके माता-पिता फूले न समा रहे थे । 
श्री गणेश करना
शुभारंभ/ शुरुआत करना 
सचिन ने दीपावली के दिन अपनी फैक्ट्री का श्री गणेश किया । 
आ बैल मुझे मार
जान- बूझकर परेशानी में फँसना
दो भाइयों की आपस की लड़ाई में पड़कर गोवर्धन ने आ बैल मुझे मार की कहावत को चरितार्थ कर दिया । 
हाथ मारना
हड़प लेना 
विकास देखता रह गया, दिवाकर ने उसकी संपत्ति पर हाथ मार लिया  
काला अक्षर भैंस बराबर
अनपढ़ / निरक्षर होना
सुमन से रामायण पढ़ कर सुनाने को कहा गया तो वह बोल पड़ी मेरे लिए तो काला अक्षर भैंस बराबर है । 
मान न मान मैं तेरा मेहमान
जबरदस्ती गले पड़ना
सुषमा आए दिन बिना बुलाए मेरे यहाँ चली आती है, किसी ने ठीक ही कहा है,मान न मान मैं तेरा मेहमान  
ऊँट के मुँह में जीरा
आवश्यकता से बहुत कम होना
एक मजदूर के लिए एक रोटी ऊँट के मुँह में जीरा के समान है । 
चकमा देना
धोखा देना
चम्पा दुकानदार को चकमा देकर, उसकी घड़ी लेकर भाग गई । 
गागर में सागर
थोड़े में बहुत कहना
सतसईके दोहे गागर में सागर हैं ।
आँखों का तारा
बहुत प्यारा
माँ के लिए उसकी संतान आँखों के तारे होते हैं । 
आग बबूला होना
अत्यंत क्रोधित होना
बंशी को गुटका खाते देखकर उसके पिता आग बबूला हो गए । 
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