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शनिवार, 26 नवंबर 2016

गद्य का विकास क्रम

गद्य का विकास क्रम 

प्रश्न :- 1. हिन्दी गद्य साहित्य की प्रमुख विधाएँ कौन सी हैं ? 
उत्तर :- हिन्दी गद्य साहित्य की प्रमुख विधाएँ - 
1. नाटक 
2. कहानी 
3. निबन्ध 
4. उपन्यास 
5. एकांकी 
6. आलोचना 

प्रश्न 2 :- हिन्दी गद्य साहित्य की गौड़ विधाओं का नाम लिखिए ? 
उत्तर :- हिन्दी गद्य साहित्य की गौड़  विधाएँ -
1. संस्मरण
2. आत्मकथा 
3. जीवनी 
4. यात्रा- वृतांत 
5. रेखाचित्र 
6. लघुकथा 
7. रिपोर्ताज 
8. साक्षात्कार 
9. पत्र साहित्य 
10. गद्यकाव्य 

प्रश्न 3 :- भारतेंदु युगीन किन्ही चार नाटककारों के नाम तथा उनकी रचनाएँ लिखिए ? 

उत्तर :- भारतेंदु युगीन  चार नाटककारों के नाम तथा उनकी रचनाएँ :- 
1. भारतेंदु हरिश्चन्द्र               -               प्रेम योगिनी 
2. लाल श्रीनिवास दास          -               संयोगिता स्वयंबर 
3. प्रतापनारायण मिश्र          -               भारत दुर्दशा 
4. बालकृष्ण भट्ट                -              जैसा काम वैसा परिणाम 

प्रश्न 4  -नाटक के विकास क्रम के के नाम लिखिए तथा प्रत्येक युग के चार प्रसिध्द नाटककारों के नाम लिखिए । 

उत्तर :-  नाटक के विकास क्रम के के नाम  तथा प्रत्येक युग के चार प्रसिध्द नाटककारों के नाम -
1. भारतेंदु युगीन नाटक -  ( 1850  से 1900 ई. ) 
भारतेंदु हरिश्चन्द्र ,लाल श्रीनिवास दास, प्रतापनारायण मिश्र ,बालकृष्ण भट्ट
2. द्विवेदी युगीन नाटक - ( 1900 से 1920 ई. ) 
किशोरीलाल गोस्वामी, अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध' , शिवनंदन सहाय, रायदेवी प्रसाद पूर्ण 
3. प्रसाद युगीन नाटक -  ( 1921 से 1916 ई. ) 
जयशंकर प्रसाद , हरिकृष्ण प्रेमी, सेठगोविंद दास, लक्ष्मीनारायण मिश्र 
4. प्रसादोत्तर युगीन नाटक - ( 1937 से अब तक ) 
जगदीशचंद्र माथुर, उपेन्द्रनाथ 'अश्क', धर्मवीर भारती, मोहन राकेश